Saturday, 4 June 2016

गीत

भारत प्यारा देश हमारा, तन-मन इस पर वारेंगे॥ धु०॥
   गंगा यमुना नदियाँ बहती
   फल-फूलों से लदी है धरती
     इस धरती पर जन्म लिया है, माता इसे पुकारेंगे ॥ १॥
   सागर जिसके चरण है धोता
   मुकुट हिमालय शोभा देता
     इस  चलकर बड़े हुए हैं, इसका मान बढ़ाएंगे ॥ २॥
   श्वास -श्वास  में पवन है जिसकी
   रोम-रोम में अग़्नि है जिसकी
     जिसका हम पर इतना उपकार, सब मिलकर गुण गाएंगे ॥ ३॥
   कोटि-कोटि हैं इसके वासी
   फिर क्यों छाई आज उदासी
     कांप उठेंगे शत्रु सारे, सब मिलकर जब ललकारेंगे ॥ ४॥
   एक मान हिंदुत्व है जिसका
   एक प्राण हिंदुत्व है जिसका
     ऐसे भारत पर प्राणों की सब मिल बलि चढ़ाएँगे ॥ ५॥

Sunday, 6 March 2016

Patriot Song

                   गीत 
शुद्ध सात्विक प्रेम अपने कार्य का आधार है ॥धृ॥

प्रेम जो केवल समर्पण भाव को ही जानत है
और उसमे ही स्वयम् की धन्यता बस मानता है
दिव्य ऐसे प्रेम मे ईश्वर स्वयम् साकार है ॥१॥

द्वेष की ज्वाला जगत की नित जलाना जानती है।
किन्तु सुरसरि स्नेह की मधुवन खिलाना जानती है।
छेड़ती है हृदय वीणा के सभी वे तार है। ॥२॥

दीप में है स्नेह जब तक वह तभी तक ज्योति देता ।
स्नेह से जब शून्य होता विरत तम को कौन करता।
नित्य ज्योतिर्मय हमारा हृदय स्नेहागार है। ॥३॥

विश्व जननी ने किया वात्सल्य से पालन हमारा,
है कृपा इसकी मिला है प्राण तन जीवन हमारा
भक्ति से हम हो समर्पित बस यही अधिकार है ॥४॥


कोटि आँखों से निरन्तर आज आँसू बह रहे है
आज अनगिन बन्धु दुःसह यातनाऐं सह रहेहैं ।
दुख हरे सुख दे सभी की एक यह आचार है ॥५॥