Friday, 24 February 2017

प्रार्थना

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे:
त्वया हिन्दुभूमे: सुखं वर्धितोहम् ।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो: नमस्ते नमस्ते ।।१।।
प्रभो: शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता
इमे: सादरं त्वां नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयं
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये ।
अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिं
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत् ।।२।।
समुत्कर्षनिःश्रेयस्यैकमुग्रं
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्रानिशम् ।
विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम् ।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम् ।।३।।


भारत माता की जय ।।

भारत माता

               गीत 
भारत माँ के उपासक, मातृ मंदिर के पुजारी
कर रहे माँ को समर्पित, संगठन की शक्ति सारी
राष्ट्र अपना घिर रहा है
संकटों के बादलों से
युद्धरत आतंकवादी
देश के रक्षा बालों से
संगठन सामर्थ्य बल से, चोट दे अरि को करारी ॥
शील है सम्बल हमारा
इसलिए दुर्जेय हैं हम
शौर्यमय गाथा हमारी
ज्ञान गीता श्रेय हैं हम
प्राण की बाती जलाकर, आरती माँ की उतारी॥
भरत भू के पुत्र सारे
जाति बन्धन मुक्त हो कर
जीत ले विश्वास सब का
स्नेह श्रद्धा युक्त हो कर
बुद्ध, नानक, जैन बैदिक, प्रकृति पूजक धर्मधारी॥
भारत माँ के उपासक, मातृ मंदिर के पुजारी
कर रहे माँ को समर्पित, संगठन की शक्ति सारी ॥